गोण्डा- पिछले 2 साल से लगातार सुर्खियों में रही है। दो वर्ष में 6 कोतवाल बदले जा चुके हैं ,कर्नलगंज कोतवाली में चार दिन बाद भी एक अदद कोतवाल की तैनाती नही हो सकी है। अब करनैलगंज में ईमानदार व मेहनतकश कोतवाल की तलाश तेज हो गई है। करनैलगंज कोतवाली पिछले 2 साल से लगातार सुर्खियों में रही है। दो वर्ष में 6 कोतवाल बदले जा चुके हैं। दो वर्ष पहले करनैलगंज कोतवाली में तैनात रहे कोतवाल वेद प्रकाश श्रीवास्तव के बाद लगातार कोतवाल की सीट अस्थिर बनी रही। वेद प्रकाश श्रीवास्तव दो वर्ष पहले हटाए गए। वे करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक यहां तैनात रहे। उसके बाद अशोक कुमार सिंह को यहां का कोतवाल बनाया गया। जो फरवरी 2019 तक रहे, उसके बाद राजेश कुमार सिंह को कमान सौंपी गई। वह दिसंबर 19 तक रहे। उनके हटने के बाद केके राणा को तैनाती मिली। जो मात्र 4 महीने का कार्यकाल पूरा किए। केके राणा के हटने के बाद अपराध निरीक्षक रहे सुधीर कुमार सिंह ने एक माह कोतवाली का चार्ज देखा। उसके बाद मई महीने में राजनाथ सिंह को करनैलगंज कोतवाली की कमान सौंपी गई थी।जिन्हें शुक्रवार की देर शाम पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया। लगातार दो वर्ष से अस्थिरता के चलते लगातार यहां तैनात होने वाले प्रभारी निरीक्षकों की कुर्सी ड़गमगाती रही है। करनैलगंज में त्योहारों का दौर भी शुरू हो गया है। ऐसे में जिले में सर्वाधिक अति संवेदनशील क्षेत्र होने के नाते नए कोतवाल की तैनाती चुनौतियों से खाली नही होगी।
अब पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय पर करनैलगंज कोतवाली में ईमानदार, जुझारू एवं कर्तव्यनिष्ठ कोतवाल की तलाश है।


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