लखनऊ- भारत की जेलों में टेक्निकल 3 हजार 740 कैदी हैं
भारत भर की जेलों में टेक्निकल डिग्री रखने वाले तकरीबन 3 हजार 740 कैदी बंद हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 727 उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद हैं।इंजिनियर कैदियों ने जेल में ई-प्रिजन मॉड्यूल जेल इन्वेंट्री सिस्टम ,जेल रेडियो और ई-साक्षरता टेक्नॉलजी अपग्रेड की सबको हैरान कर दे रहे हैं
उत्तर प्रदेश की जेलों में सबसे ज्यादा पढ़ाकू कैदी बंद हैं। इनमें से ज्यादातर इंजिनियरिंग और मास्टर्स की डिग्री रखने वाले लोग हैं। एनसीआरबी की क्राइम इन इंडिया की 2019 की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि
जेल में टेक्नॉलजी विकसित किया
यूपी के जेल महानिदेशक (डीजी) आनंद कुमार ने बताया कि टेक्निकल की डिग्री रखने वाले ज्यादातर कैदियों पर दहेज हत्या और बलात्कार के आरोप हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे भी हैं, जिन पर आर्थिक अपराधों के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की जेलों में 3 लाख 30 हजार 487 कैदी बंद हैं। इनमें से 1.67 प्रतिशत कैदी पोस्टग्रेजुएट हैं जबकि 1.2 प्रतिशत कैदी इंजिनियर हैं। डीजी ने बताया कि इन पढ़े-लिखे कैदियों के कौशल का इस्तेमाल जेल के भीतर अच्छी तरह से किया जा रहा है।टेक्निकल बैकग्राउंड के कैदियों की मदद से जेल की टेक्नॉलजी अपग्रेड की जा रही है। कई प्रतिभाशाली इंजिनियर कैदियों ने जेल में ई-प्रिजन मॉड्यूल विकसित किया है। वहीं कईयों ने मिलकर जेल इन्वेंट्री सिस्टम के कम्प्यूटरीकरण में मदद की है। उन्होंने परिसर के भीतर जेल रेडियो की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें से कई शिक्षक बन गए हैं और ई-साक्षरता कार्यक्रमों में शामिल हो गए हैं।


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