बिजलीकर्मियों की हड़ताल खत्म, 3 महीने के लिए टला बिजली विभाग का निजीकरण
लखनऊः उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों में बिजली की हड़ताल से मचा हाहाकार अब समाप्त हो जाएगी. बिजली कर्मियों ने हड़ताल स्थगित कर दी है. कर्मियों के काम के बहिष्कार कर दिए जाने से उत्तर प्रदेश सरकार ने निजीकरण का फैसला तीन महीनों के लिए टाल दिया है. सामने आया है कि इन तीन महीनों में कोई उपाय-समाधान निकाल लिया जाएगा.
हड़ताल का दिखा अस
उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों के निजीकरण के विरोध में कार्य बहिष्कार का असर भी दिखा है. प्रदेश भर में बिजली संकट खड़ा हो गया है. जिसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री से लेकर डिप्टी सीएम और तमाम मंत्रियों के आवास पर बिजली कई घंटो गुल हो गई.
जानकारी के मुताबिक, यूपी सरकार के अधिकारियों और बिजली विभाग के बीच निजीकरण को लेकर चल रही बैठक खत्म हो गई है. बिजली कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी है. कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन हालात को देखते हुए सरकार ने निजीकरण का फैसला फिलहाल 3 महीने के लिए टाल दिया है. कर्मियों ने भी काम पर लौटने का भरोसा दिया है. प्रदेश में बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में बिजली विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर थे. गौरतलब है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों ने यह चेतावनी दी थी कि यदि केंद्र ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो अनिश्चितकाल के लिए काम का बहिष्कार किया जाएगा. सरकार और बिजली कर्मचारी संयुक्त परिषद के बीच पांच बिंदुओं पर सहमति बनी है. तय हुआ है कि फिलहाल बिजली विभाग का निजीकरण नहीं होगा. यदि कभी निजीकरण हुआ तो पहले बिजली विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की सहमति ली जाएगी. इसके अलावा अगले 15 जनवरी 2021 तक लगातार समीक्षा होगी. इसके साथ ही विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करने, कंपनियों का घाटा कम करने, राजस्व वसूली बढ़ाने और बिलिंग सिस्टम को दुरुस्त करने में भी बिजली कर्मचारी संयुक्त परिषद अपनी भूमिका निभाएगा. इस बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद बिजली कर्मचारी संयुक्त परिषद ने हड़ताल खत्म की घोषणा की. इसके बाद सभी कर्मचारी काम पर लौट गएयूपी सरकार के अधिकारियों और बिजली विभाग के बीच निजीकरण को लेकर चल रही बैठक खत्म हो गई है. बिजली कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी है. कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन हालात को देखते हुए सरकार ने निजीकरण का फैसला फिलहाल 3 महीने के लिए टाल दिया है


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