
दुनियाभर में 12 अगस्त को हाथी दिवस (World Elephant Day) के रूप में मनाया जाता है। हर साल 12 अगस्त को मनाए जाने वाले “विश्व हाथी दिवस” का उद्देश्य हाथियों के लुत्प हो रही संख्या, उसके कारणों पर की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। साथ ही उनके संरक्षण के उपायों, पुनर्वास, बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और गैर कानूनी तस्करी रोकने की ओर भी प्रयास करने के लिए प्रेरित करना है।एशियाई और अफ्रीकी हाथियों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता पैदा करने और ध्यान आकर्षित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन को पहली बार 12 अगस्त, 2012 को लॉन्च किया गया था।धरती पर पाया जाने वाला सबसे विशाल प्राणी है। जो राजसी ठाट-बाट का तो प्रतीक था ही साथ ही इसे युद्ध से लेकर बारात, जुलूस में भी इसे शामिल किया जाता था। केरल में तो कुछ खास समारोहों और उत्सवों में खासतौर से हाथियोंका श्रृंगार किया जाता है। भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में हाथियों को सर्वोच्च दर्जा दिया गया है।
यह दिवस हाथियों के संरक्षण, गैर-कानूनी शिकार और तस्करी रोकने, उनके बेहतर इलाज और पकड़े गए हाथियों को अभयारण्यों में भेजे जाने के लिए जागरुकता प्रदान करने के लिए मनाया जाता है।
इसके अलावा, इस दिवस के आयोजन का उद्देश्य जंगली हाथियों की संख्या उनकी बेहतरी और प्रबंधन के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है।
आईयूसीएन (IUCN: International Union for Conservation of Nature) की रेड लिस्ट में ‘अफ्रीकन हाथी’ एवं ‘एशियन हाथी’ लुप्त प्राप्त की श्रेणी में दिखाए गए हैं।
इस दिवस की शुरुआत कनाडा की फिल्म निर्माता पेक्ट्रीका सिम्स और केनाज वेस्ट पिक्चर्स के माइकल क्लार्क, थाइलैंड के एलिफेंट की इंट्रोडक्शन फाउंडेशन के महासचिव सिवापॉर्न पिक्चर्स ददारेन्डा द्वारा वर्ष 2011 में की गई थी।
आधिकारिक रूप से इसका शुभारंभ 12 अगस्त, 2012 को सिम्स और एलिफेंट की इंट्रोडक्शन फाउंडेशन ने किया था।
वर्तमान में देश के 14 राज्यों में लगभग 65000 वर्ग किलोमीटर में हाथियों के 30 रिजर्व हैं।
एशियाई हाथियों की वैश्विक आबादी का 60 प्रतिशत से अधिक भारत में है।
सिम्स और एलिफेंट की इंट्रोडक्शन फाउंडेशन द्वारा साल 2011 में इसकी पहल की गई थी लेकिन ऑफिशियली 12 अगस्त, 2012 को इसे मनाने की घोषणा हुई थी।हर साल 12 अगस्त को मनाए जाने वाले “विश्व हाथी दिवस” का उद्देश्य हाथियों के लुत्प हो रही संख्या, उसके कारणों पर की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। साथ ही उनके संरक्षण के उपायों, पुनर्वास, बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और गैर कानूनी तस्करी रोकने की ओर भी प्रयास करने के लिए प्रेरित करना है।देश में 2017 में आखिरी बार हाथियों की गिनती की गई थी। 2017 में हुई हाथियों की गिनती के अनुसार भारत में 30 हजार हाथी हैं, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या कम होती जा रही है।
हाथियों की मौत के मामले में केरल भारत का सबसे बदनाम राज्य है, जहां हर तीन दिन में एक हाथी मारा जाता है।
किसी जानवर को नुकसान पहुंचाना या उसे मार डालना अपराध की श्रेणी में आता है, लेकिन ऐसा करने वाले बहुत कम लोगों को सजा हो पाती है। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत जानवरों को मारने पर तीन साल तक की सजा और 25 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। दोबारा ऐसा करने पर सात साल तक की सजा हो सकती है।जन्म के 20 मिनट बाद ही हाथी का बच्चा खड़ा हो जाता है। हाथी दिनभर में 150 किलो खाना खा लेता है। अगर वजन की बात करें तो हाथी का वजन 5 हजार किलो तक हो सकता है।
संख्या पर नजर
देश में इस समय 27 हजार हाथी बचे हैं।
02 हजार से ज्यादा हाथियों को बंधक बनाया गया है।
10 लाख हाथी थे देश में एक दशक पहले ।
100 हाथियों को हर साल मार दिया जाता है।
500 लोगों की मौत हो जाती है हाथी से संघर्ष में।
हाथी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
1. सफेद हाथी के सूंघने की क्षमता इतनी तेज होती है कि वे लगभग 5 किलोमीटर दूर से ही पता लगा सकते हैं कि जंगल में पानी का स्त्रोत कहां है और किस दिशा में।
2. एशियाई हाथी ऍलिफ़समैक्सिमस प्रजाति की एकमात्र जीवित प्राणी है जो पश्चिम में भारत से लेकर दक्षिण पूर्व एशिया तक पाया जाता है।
3. हाथी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में माहिर हैं।
4. एशियाई हाथी एशिया का सबसे बड़ा जीवित जानवर है। जिनमें उच्च विकसित नियोकोर्टेक्स होता है जो मानव, बंदरों और कुछ खास डॉल्फिन्स की प्रजातियों में पाया जाता है।
5. हाथी दिन में सिर्फ 3-4 घंटे ही सोते हैं, बचा समय वो खाना खाने और ढूंढने में बिताते हैं।4. एशियाई हाथी एशिया का सबसे बड़ा जीवित जानवर है। जिनमें उच्च विकसित नियोकोर्टेक्स (neocortex) होता है जो मानव, बंदरों और कुछ खास डॉल्फिन्स की प्रजातियों में पाया जाता है।
6. हाथी दिन में सिर्फ 3-4 घंटे ही सोते हैं, बचा समय वो खाना खाने और ढूंढने में बिताते हैं।
7. हाथी रोजाना लगभग 270-300 किलोग्राम खाना खा जाते हैं और 75-150 लीटर तक पानी पीते हैं।
8. एक हाथी दूसरे हाथी को लगभग 10 किमी दूर तक चिल्लाते हुए सुन सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।