14 अगस्त 2021

जानें !15 अगस्त को झंडा फहराने का तरीका 26 जनवरी से कैसे अलग होता है

जानें  !15 अगस्त को झंडा फहराने का तरीका 26 जनवरी से कैसे अलग होता है

हर साल 
15 अगस्त   26 जनवरी हम गणतंत्र दिवस (Gantantra Diwas) मनाते हैं। पूरे देश में जगह-जगह झंडे (Tiranga) फहराए जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है, कि गणतंत्र दिवस (Republic Day) और स्वतंत्रता दिवस (Indpendence Day) पर झंडा फहराने का तरीका अलग होता है।भारत और यहां के नागरिकों के लिए दोनों ही दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। 15 अगस्त को जहां पूरा देश शहीदों को नमन कर आजादी का जश्न मनाता है, वहीं 26 जनवरी हमें अपने संविधान (Constitution of India) और लोकतंत्र (Democracy) की अहमियत का एहसास कराती है। साल में इन दोनों अवसरों पर देशभर में झंडोतोलन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन दोनों में कुछ मूल अंतर हैं। ऐसे ही तीन बड़े अंतर आगे बताए जा रहे हैं।

15  अगस्त और 26 जनवरी के झंडे फहराने में दोनों का अलग अलग महत्व और अंतर है। 


पहला_अंतर


15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है, फिर खोल कर फहराया जाता है,  जिसे ध्वजारोहणबकहा जाता है क्योंकि यह 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना  को सम्मान देने हेतु किया जाता है जब प्रधानमंत्री जी ने ऐसा किया था। संविधान में इसे अंग्रेजी में  Flag Hoisting (ध्वजारोहण) कहा जाता है।

जबकि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा ऊपर ही बंधा रहता है, जिसे खोल कर फहराया जाता है, संविधान में इसे Flag Unfurling (झंडा फहराना) कहा जाता है।

दूसरा_अंतर

15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री जो कि केंद्र सरकार के प्रमुख होते हैं वो ध्वजारोहण करते हैं, क्योंकि स्वतंत्रता के दिन भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था और राष्ट्रपति जो कि राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते है, उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया था। इस दिन शाम को राष्ट्रपति अपना सन्देश राष्ट्र के नाम देते हैं।

जबकि 26 जनवरी जो कि देश में संविधान लागू होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, इस दिन संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं

तीसरा_अंतर

स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले से ध्वजारोहण किया जाता है।

जबकि गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर झंडा फहराया जाता है।

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