प्रकृति का अमृत फल आंवला आंवला खाने से आँखों की रोशनी बढती है, बालों का झड़ना बंद होता है|
आंवला प्रकृति की ओर से हमें दिया गया एक तोहफा है आंवला या अमालाकी को सबसे अधिक आयुर्वेदिक घटको से पूर्ण माना जाता है। आंवला के आंवले के कई अन्य नाम भी है, अंग्रेजी में आंवला को एम्ब्लिका मायरोबेलन या इंडियन गूजबेरी (Indian gooseberry) कहते हैं, वहीं संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी व पंचरसा कहते हैं। इस छोटे से फल के जितने नाम है, उतने ही इसके फायदे भी हैं।
आंवला के फायदे भोजन और दवा दोनों है। जो बहुत गुणकारी है| अमला शब्द खट्टा का उल्लेख करता है, इसे खाने से आँखों की रोशनी बढती है, बालों का झाड़ना बंद होता है| आयुर्वेद की दुनिया में आंवला का एक महत्वपूर्ण स्थान है, जिसे बहुत सी बीमारी को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है| इसका वनस्पति नाम एम्बलोका ऑफिजिनालिस या फ़िलेंथस इम्ब्लिका है। यह जड़ी बूटी एक बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, उम्र बढ़ने और कैंसर, मधुमेह और हृदय रोग जैसे रोगों को रोकने के लिए एंटीऑक्सिडेंट महत्वपूर्ण हैं।
आंवला के फायदे में इसमें मौजूद तत्व पेट में होने वाली गैस, एसिड की परेशानी दूर करते है, इसके खाने से दिमाग तेज होता है, दिल व फेफड़े मजबूत होते है, स्किन की परेशानी दूर होती है, शरीर से विषेले पदार्थ निकल जाते है, बालों को बढ़ाने अदि मे यह बहुत लाभकारी है| इसके अलावा भी आवला के बहुत से फायदे होते है।
बदलते मौसम के साथ बीमारियां लगी रहती है, कभी बुखार तो कभी सर्दी-खांसी और गले में खराश। अगर आप भी गले में खराश से परेशान हैं, तो आंवला एक कारगर घरेलू उपाय साबित हो सकता है। आप आंवले के रस का काढ़ा बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। आंवले की तरह ही आंवला रस के फायदे भी होते हैं। आंवला में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं , जो बुखार या गले की खराश में मददगार साबित हो सकते हैं। बेशक, अभी तक इसका कोई खास प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन कई लोग आंवले को गले में खराश के वक़्त उपयोग करते हैं।
पाचन शक्ति के लिए आंवला
व्यस्तता भरी ज़िंदगी के कारण लोग अपने खाने-पीने पर ध्यान नहीं देते, जिस कारण पाचन तंंत्र खराब हो जाता है। कभी-कभी तो पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी होने लगती है। ऐसे में कुछ लोग दवाइयों के आदि हो जाते हैं, जिसके साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं। इन सब समस्याओं का आंवला ही एकमात्र उपचार है। आंवले में फाइबर होता है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन क्रिया के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। आंवले से अल्सर, गैस्ट्रिक और पाचन क्रिया से संबंधित समस्याएं काफ़ी हद तक कम हो सकती हैं ।
आंवला रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है
कुछ लोगों की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमज़ोर होती है, इसलिए बदलते मौसम के साथ ही उन्हें सर्दी-खांसी व बुखार हो जाता है। ऐसे में अगर आंवला का सेवन किया जाए, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता में काफ़ी हद तक सुधार होता है । आंवला में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कई अन्य गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है।
हड्डियों को मज़बूत बनाता
आंवले से बढ़ती है आंखों की रोशनी
हम ज्यादा वक्त कंप्यूटर, टीवी व मोबाइल के आगे बिताते हैं, नतीजन हमारी नजर कमजोर होने लगती है। इसके अलावा, कई बार धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण आंखों में संक्रमण, पानी आने, जलन की समस्या और अन्य कई परेशानी होने लगती है, जिसका वक़्त रहते इलाज ज़रूरी होता है। ऐसे में अगर आंवले को हर रोज़ अपने आहार में शामिल किया जाए, तो न सिर्फ आंखों की रोशनी तेज़ होगी, बल्कि आंखों में संक्रमण होने का खतरा भी कम होगा। आप आंवले के रस को शहद के साथ पी सकते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व आपकी आंखों की रोशनी में सुधार कर सकते हैं ।
आंवले से पथरी की समस्या दूर होती है
गुर्दे में पथरी की परेशानी बहुत ही पीड़ादायक होती है और अगर वक़्त रहते इसका इलाज न किया जाए, तो इससे मरीज की जान को खतरा भी हो सकता है। पथरी की परेशानी के लिए दवाइयां तो ज़रूरी होती ही हैं, लेकिन इसी के साथ आंवले के रस का सेवन करने से भी आराम मिल सकताा है । कई बार डॉक्टर भी आंवले का जूस पीने की सलाह देते हैं।


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