ब्लड प्रेशर ,मधुमेह ,ह्रदय, दांतों , हड्डियों, आंखों के रोग व प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला स्वादिष्ट व पौष्टिक फल है - टमाटर
टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। हालाँकि टमाटर का स्वाद अम्लीय (खट्टा) होता है, लेकिन यह शरीर में क्षारीय (खारी) प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है। लाल-लाल टमाटर देखने में सुन्दर और खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक होते हैं। इसके खट्टे स्वाद का कारण यह है कि इसमें साइट्रिक एसिड और मैलिक एसिड पाया जाता है जिसके कारण यह प्रत्यम्ल (एंटासिड) के रूप में काम करता है। टमाटर में विटामिन 'ए' काफी मात्रा में पाया जाता है। यह आँखों के लिये बहुत लाभकारी है। टमाटर फल में रंगद्रव्य लाल रंग के टमाटर की तुलना में नारंगी रंग के टमाटर में लायकोपिन यह रंगद्रव्य शरीर में सहजरुप से शोषित होते हैं। लाल रंग के टमाटर में लायकोपिन यह रंगद्रव्य टेत्रा-सिस् में उपलब्ध होता है।वह शरीर में सहजरुप से अवशोषित होते नहीं है।शरीर के लिए टमाटर बहुत ही लाभकारी होता है। इससे कई रोगों का निदान होता है। टमाटर शरीर से विशेषकर गुर्दे से रोग के जीवाणुओं को निकालता है। यह पेशाब में चीनी के प्रतिशत पर नियन्त्रण पाने के लिए प्रभावशाली होने के कारण यह मधुमेह के रोगियों के लिए भी बहुत उपयोगी होता है। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होने के कारण इसे एक उत्तम भोजन माना जाता है। टमाटर से पाचन शक्ति बढ़ती है। इसके लगातार सेवन से जिगर बेहतर ढँग से काम करता है और गैस की शिकायत भी दूर होती है। जो लोग अपना वजन कम करने के इच्छुक हैं, उनके लिए टमाटर बहुत उपयोगी है। एक मध्यम आकार के टमाटर में केवल 12 कैलोरीज होती है, इसलिए इसे पतला होने के भोजन के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके साथ साथ यह पूरे शरीर के छोटे-मोटे विकारों को भी दूर करता है। टमाटर के नियमित सेवन से श्वास नली का शोथ कम होता है। प्राकृतिक चिकित्सकों का कहना है कि टमाटर खाने से अतिसंकुचन भी दूर होता है और खाँसी तथा बलगम से भी राहत मिलती है।
दांतों
और हड्डियों के लिए टमाटर
हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन-के जरूरी है । ऐसे में
टमाटर के औषधीय गुण में पाए जाने वाली विटामिन-के की मात्रा हड्डियों के लिए फायदेमंद
हो सकती है। साथ ही टमाटर में कैल्शियम भी पाया जाता है , जो हड्डियों के साथ-साथ दांतों
की मजबूती और उनमें चमक के लिए भी सहायक हो सकता है।
आंखों
के रोग में लाभदायक
टमाटर के अंदर पाया जाने वाला विटामिन-सी आंखों के लिए
लाभदायक साबित हो सकता है। टमाटर खाने से आंखों की बीमारियों से बचा जा सकता है। आंखों
को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल से भरपूर टमाटर का सेवन करना चाहिए। इसमें
पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण हमारी कोशिकाओं और टिशू को स्वस्थ रखने में मदद करता
है
वजन कम करने
में सहायक
टमाटर के औषधीय गुण के रूप में पाया जाने वाला फाइबर आंतों
के स्वास्थ के लिए फायदेमंद है । साथ ही टमाटर में मौजूद फाइबर शरीर को ऊर्जा देता
है और वजन कम करने में सहायक हो सकता है। वजन घटाने और आंतों के जोखिम को कम करने के
लिए फाइबर की खुराक उपयोगी है ।
मधुमेह के लिए टमाटर जूस के फायदे
टमाटर का जूस लाइकोपीन, β-कैरोटीन,
पोटैशियम, विटामिन-सी, फ्लेवोनोइड, फोलेट और विटामिन-ई का समृद्ध स्रोत है। यही कारण
है कि टमाटर टाइप 2 मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही यह टाइप
2 मधुमेह से संबंधित ह्रदय के जोखिम को कम करने में भी लाभकारी हो सकता है (6)।
कैंसर
टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन एक लाल कैरोटीनॉयड है।
इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीकैंसर गुण होते हैं। कि टमाटर में लाइकोपीन
पाया जाता है, जो प्रोस्टेट कैंसर के खिलाफ एंटी-प्रोलिफेरेटिव और प्रो-एपोप्टोटिक
के रूप में काम करता है । एंटी-प्रोलिफेरेटिव गुण के कारण ही टमाटर ट्यूमर सेल पर प्रभावी
रूप से काम करता है।
ब्लड
प्रेशर
टमाटर के अर्क में लाइकोपीन, बीटा कैरोटीन और विटामिन-ई
जैसे कई कैरोटीनॉयड होते हैं। ये प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं और
शरीर से फ्री रेडिकल्स को साफ करते हैं। टमाटर के अंदर पाए जाने वाले ये सभी पोषक तत्व
उच्च रक्तचाप के उपचार में मददगार साबित होते हैं। उच्च रक्तचाप का उपचार करने से ह्रदय
रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है ।
एंटी-इंफ्लेमेटरी
जैसा कि आप जान ही चुके हैं कि टमाटर एंटीऑक्सीडेंट का
अच्छा स्रोत है। इसमें लाइकोपीन और विटामिन-सी जैसे गुण शामिल हैं। वैज्ञानिक अध्ययन
में इस बात की पुष्टि की गई है कि ये सभी गुण मिलकर एंटीइंफ्लेमेटरी की तरह काम करते
हैं, जिससे शरीर में आई किसी भी प्रकार की सूजन से राहत मिल सकती है ।
गर्भावस्था
में उपयोगी
फोलेट को बी-समूह विटामिन माना गया है, जो टमाटर के गुण
में से एक है। फोलिक एसिड गर्भ में पल रहे भ्रूण को न्यूरल ट्यूब दोष से बचाने में
मदद करता है। यह रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क का रोग होता है। इसलिए, टमाटर खाने के फायदे
गर्भवती महिला के लिए भी हैं ।
दर्द
निवारक
टमाटर में एनाटाबिन पाया जाता है, जो एंटीइंफ्लेमेटरी यानी
दर्द निवारक के रूप में काम करता है । वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि एनाटाबिन
मांसपेशियों में होने वाले दर्द के साथ-साथ जोड़ों में होने वाले दर्द के लिए भी उपयोगी
है ।
ह्रदय
की गति को नियंत्रित करता है
वैज्ञानिक अध्ययन में पुष्टि की गई है कि टमाटर में कार्डियोप्रोटेक्टिव
गुण होता है। साथ ही यह लाइकोपीन, बीटा-कैरोटीन, फोलेट, पोटैशियम, विटामिन-सी, फ्लेवोनोइड
और विटामिन-ई का समृद्ध स्रोत है। इन तमाम खूबियों के कारण ही टमाटर कोलेस्ट्रॉल व
रक्तचाप की रोकथाम में सहायक होता है। अगर कोलेस्ट्रॉल व रक्तचाप नियंत्रित रहेगा,
तो ह्रदय संबंधी रोग होने के जोखिम कम हो जाते हैं ।
प्रतिरोधक
क्षमता को बढ़ाता है
टमाटर के बीज एंटीऑक्सीडेंट, लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन
के उत्कृष्ट स्रोत हैं। ये प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करने में सक्षम हैं। साथ ही
ये जुकाम व इन्फ्लूएंजा से बचने में भी मदद कर सकते हैं । इस प्रकार टमाटर के गुण में
बेहतर प्रतिरोधक क्षमता को भी शामिल किया जा सकता है।
रक्त
के थक्के बनने से रोके
टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन शरीर में सूजन और कोलेस्ट्रॉल
को कम कर सकता है। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार कर सकता है। इसके अलावा, यह
शरीर में रक्त के थक्के बनने से रोक सकता है। वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि टमाटर
प्लेटलेट्स को चिकना करता है। इससे रक्त के थक्के बनने से होने वाली समस्या और रक्त
के प्रवाह में आने वाली कठिनाई दूर हो सकती है ।
मांसपेशियों
का निर्माण करे


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
कमेन्ट पालिसी
नोट-अपने वास्तविक नाम व सम्बन्धित आर्टिकल से रिलेटेड कमेन्ट ही करे। नाइस,थैक्स,अवेसम जैसे शार्ट कमेन्ट का प्रयोग न करे। कमेन्ट सेक्शन में किसी भी प्रकार का लिंक डालने की कोशिश ना करे। कमेन्ट बॉक्स में किसी भी प्रकार के अभद्र भाषा का प्रयोग न करे । यदि आप कमेन्ट पालिसी के नियमो का प्रयोग नही करेगें तो ऐसे में आपका कमेन्ट स्पैम समझ कर डिलेट कर दिया जायेगा।