01 अगस्त 2021

कोरोना संक्रमण में लिखित परीक्षा न होना 55.36 लाख छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित,हाईस्कूल में 99.53 व इंटर में 97.88 फीसद उत्तीर्ण

लिखित परीक्षा न होना 55.36 लाख छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित

बोर्ड के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार हाईस्कूल में 99.53 व इंटर में 97.88 फीसद उत्तीर्ण हुए

यूपी बोर्ड के सारे रिकार्ड ध्वस्त, हाईस्कूल में 99.53 व इंटर में 97.88 फीसद उत्तीर्ण

लखनऊ- UP Board Class 10th and Class 12th Result 2021: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड ने वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा में कक्षा-12 का परिणाम घोषित कर दिया है। 

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं रद कर दी थी। दोनों परीक्षाओं का परिणाम तैयार करने के लिए फार्मूला तय करके उसे जारी किया गया है। शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने बताया कि हाईस्कूल परीक्षा के लिए कुल 29 लाख 96 लाख 31 विद्यार्थी पंजीकृत थे, उनमें से 29 लाख 82 हजार 55 उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें 16 लाख 68 लाख 868 छात्र व 13 लाख 13 हजार 187 छात्राएं हैं। ऐसे ही इंटर के लिए 26 लाख 10 हजार 247 विद्यार्थी पंजीकृत थे, उनमें से 25 लाख 54 हजार 813 उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें 14 लाख 37 हजार 33 छात्र व 11 लाख 17 हजार 780 छात्राएं हैं।स्टूडेंट्स अपने रोल नंबर की मदद से रिजल्ट चेक कर सकेंगे। रिजल्ट upmsp.edu.in तथा upresults.nic.in पर चेक किए जा सकेंगे।

यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2021 के रिजल्ट में अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लिखित परीक्षा न होना 55.36 लाख छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित हुआ। बोर्ड के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार हाईस्कूल में 99.53 व इंटर में 97.88 फीसद उत्तीर्ण हुए हैं। शनिवार को जारी परिणाम में विशेष फार्मूले के तहत उम्दा अंकों से सफल होने वालों की भरमार है, हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस वर्ष मेरिट जारी नहीं की गई है। दोनों परिणाम अपरान्ह 3:35 बजे वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं।

बोर्ड ने ऐसे छात्र-छात्राएं जो तय फार्मूले के तहत न्यूनतम उत्तीर्णांक नहीं पा सके, किंतु आंतरिक मूल्यांकन में उत्तीर्ण हैं, उन्हें सामान्य प्रोन्नति दी गई है। साथ ही ऐसे परीक्षार्थी जिनके 9वीं व 11वीं के वार्षिक परीक्षा या फिर 10वीं व 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं थे, उन्हें भी बिना अंकों के प्रोन्नत किया है। हाईस्कूल में ऐसे विद्यार्थी की संख्या 82 हजार 238 है, जबकि इंटर में 62 हजार 506 को सामान्य प्रोन्नति दी गई है।

हाईस्कूल में एक फीसद से कम यानी .47 और इंटरमीडिएट में 2.12 फीसद छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जो अनुत्तीर्ण हुए हैं। निदेशक का कहना है कि ये वे विद्यार्थी हैं जो तय फार्मूले की परीक्षाओं में अनुपस्थित थे या विदहेल्ड हैं यानी जिन विद्यार्थी के अभिलेख पूरे नहीं है या उनके अंकपत्र आदि त्रुटिपूर्ण हैं, वे सब फेल हो गए हैं।

अब चाहे जितने विषयों में करा लें अंक सुधार

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 2021 में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को अंक सुधार का बड़ा मौका भी दिया है। उनकी स्क्रूटनी नहीं होगी, बल्कि अंक दुरुस्त कराने वालों को परीक्षा देनी होगी। इसके लिए उन्हें अगली बोर्ड परीक्षा का इंतजार करना होगा। उसमें बिना शुल्क दिए वे शामिल हो सकते हैं और उनका परीक्षाफल का वर्ष भी 2021 ही रहेगा। इतना ही नहीं विद्यार्थी एक या एक से अधिक कितने ही विषयों की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। ज्ञात हो कि पहले अधिकतम दो विषय की ही स्क्रूटनी करा सकते थे।

इस फार्मूले से बना रिजल्ट

हाईस्कूल: कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा व 10 के प्री बोर्ड के प्राप्तांक को शामिल किया गया है। बोर्ड ने परीक्षाओं के प्रतिशत का उल्लेख परिणाम के समय नहीं किया है, जबकि फार्मूला तय होने पर फीसद बताया गया था।

इंटरमीडिएट: कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा, कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा, ये उपलब्ध न होने पर 11वीं की ही अर्धवार्षिक परीक्षा और कक्षा 12 की प्रीबोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक को शामिल किया गया है।

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