08 अक्टूबर 2021

जय मां दुर्गे शक्ति समिति कर्नलगंज गोंडा में 37 वर्षों से सज रहा है दुर्गा मां का दरबार


जय मां दुर्गे शक्ति समिति कर्नलगंज गोंडा में 37 वर्षों से सज रहा है दुर्गा मां का दरबार

कर्नलगंज गोंडा 

जय मां दुर्गे शक्ति समिति कर्नलगंज गोंडा में 37 वर्षों से सज रहा है दुर्गा मां का दरबार 


 नवरात्रि के प्रथम दिन पंडालों में प्राण प्रतिष्ठा करपूजा अर्चना प्रारम्भ 


  शारदीय नवरात्रि में वैदिक मत्रोच्चार के साथ  मांॅ दुर्गा का पाण्डालों में  कोविड प्रोटोकाल  के साथ पूजा अर्चना प्रारम्भ


 पूर्व परम्परानुसार शरदीय नवरात्रि के प्रथम दिन गुरूवार को नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा प्रतिमायें स्थापित करके उनकी प्राण प्रतिष्ठा हेतु पूजा अर्चना प्रारम्भ कर दी गयी है। 

    कर्नलगंज नगर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिवर्ष नवरात्रि के प्रथम दिन ही दुर्गा प्रतिमायें स्थापित करके पूजन अर्चन प्रारम्भ कर दिया जाता है। गुरूवार को नवरात्रि का प्रथम दिन होने के कारण परम्परा अनुसार कोविड गाइडलाइन में पंडालों में प्रतिमायें स्थापित कर दी गयीं और उनकी प्राण प्रतिष्ठा हेतु पूजन अर्चन प्रारंभ कर दिया गया है। नगर में प्रतिवर्ष बस स्टेशन चौराहा, मौर्य नगर चौराहा, कैलाशबाग तथा सर्वामाई थान पर दुर्गा प्रतिमायें स्थापित की जाती हैं। इन चारों ही स्थानों पर प्रतिमायें स्थापित की जा चुकी हैं और प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम प्रारम्भ कर दिया गया।कर्नलगंज नगर गोंडा लखनऊ मार्ग के किनारे  मौर्य नगर चौराहे पर वर्ष 1985 में पहली बार मां दुर्गा जी की मूर्ति स्थापित की गई थी तभी से शारदीय नवरात्र में  प्रथम दिन मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व कलश स्थापना कर


पूजा अर्चना किया जाने लगा ।यही के लोगों  द्वाराजय मां दुर्गे शक्ति समिति कमेटी का गठन किया गया और शारदीय नवरात्र के पहले दिन ही यहां मां का दरबार सजाने का कार्य प्रारंभ किया जाने लगा। इस कार्यक्रम में कमेटी के पदाधिकारियों के साथ ही नगर व ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अपना योगदान करते हैं। मूर्ति स्थापित होने के बाद प्रतिदिन सुबह-शाम मां का पूजा पाठ होता है ।दुर्गा सप्तशती का पाठ होता है उसके साथ सप्तमी अष्टमी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सात नवमी तिथि को हवन पूजन वह दशमी तिथि को  कन्या भोज व विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसी दिन दशहरे की शाम चौराहे पर जय मां दुर्गे शक्ति समिति की ओर से विशाल जागरण का कार्यक्रम संपन्न कराया जाता था। कार्यक्रमों का आनंद लेने के लिए भारी संख्या में महिला पुरुष व बच्चे सम्मिलित होते हैं ।इस दरबार की विशेषता है कि नगर व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का भी वर्षों से जुड़ाव है और क्षेत्रीय लोगों की आस्था का केंद्र बना है भक्तों का मानना है कि मां के दरबार में जो सच्चे दिल से याचना करते हैं उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है ।समिति के संरक्षक रहे गिरीश शुक्ला का कहना है 37 वर्षों से लगातार यहां दुर्गा महामाई की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही है यहां मां का दरबार सर्वाधिक मनमोहक रूप से सजाया जाता है जिससे दरबार की सुंदरता देखते ही बनती है।समिति के अध्यक्ष संतोष पांडे ने बताया कि मां की मूर्ति कलश स्थापना प्राण प्रतिष्ठा पूरे विधि-विधान व वैदिक मंत्रोचार के साथ किया जाता है यहां दरबार में अखंड ज्योति भी जलाई जाती है जो पूरे नवरात्रि  तक जलती रहती है ।कमेटी के संरक्षक वीके श्रीवास्तव ने बताया की नगर क्षेत्र की सबसे पहली मूर्ति होने के साथ मां के दरबार की मोहक स्वरूप के दर्शन के लिए पूरे क्षेत्र में यह विख्यात है। समिति के संरक्षक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि कर्नलगंज छोटी अयोध्या के नाम से विख्यात चौराहे की दुर्गा पूजा मैं क्षेत्रीय लोगों के विशेष सहयोग के कारण यहां दशमी से लेकर एकादशी तिथि तक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है यहां दरबार के मोहक स्वरूप व भंडारे का प्रसाद प्रतिवर्ष आकर्षण का केंद्र रहता है।कोविड के कारण इस बार सरकारी  गाइडलाइन में ही कार्यक्रम सिमट कर रह गये हैं।

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