लोहिया विचारों वाले सपा कार्यकर्ताओं की पहचान थे -विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह पूर्व कैबनेट मंत्री
जिले के लोकप्रिय समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह की कोरोना संक्रमण से शुक्रवार को निधन हो गया।
विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह का जन्म 7 जनवरी 1962 को गोंडा जिले के बल्लीपुर में हुआ था। उनकी शिक्षा स्नातक तक हुई। 1996 में वह पहली बार तेरहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 59 साल के पंडित सिंह 11 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हुए थे और घर पर ही रह रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर 18 अप्रैल को उन्हें लखनऊ के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। करीब 18 दिन जिदंगी और मौत से संघर्ष के बाद वह शुक्रवार को जिंदगी की जंग हार गए।
पंडित सिंह को जिले में गांव के पगडंडियों की राजनीति को उभारने के लिए जाना जाता है। बेबाकी से राय रखने वाले और बेधक व्यक्तित्व के साथ ही सर्व सुलभ नेता में शुमार पूर्व मंत्री के जाने का दुख सपा के साथ ही अन्य दलों के नेताओं में भी दिखी। विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह अपने राजनैतिक सफर के दौरान डॉ. लोहिया के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए समाजवादी पार्टी को अपने जीवन में उतारा। लोहिया के विचारो को जन जन तक पहुंचाने के लिए पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व में गोंडा में समाजवादी पार्टी को एक लय और ताल दी। पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियो के सम्मान के लिए उन्होंने हमेशा लड़ाई लड़ी। नवाबगंज के बल्लीपुर के रहने वाले पंडित सिंह ने राजनीतिक सफर की शुरुआत समाजवादी पार्टी से 1995 में पार्टी के गठन से ही की थी। सदर विधानसभा से 1996 में विधायक बनकर उभरे पंडित सिंह ने कम समय में जनता की दिल जीतने का काम किया।
वर्ष 2002 में वह फिर सदर विधान सभा सीट से ही विधायक बने और साल 2004 में सपा की सरकार बनने पर चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री बने। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट से चुनाव लड़े. इसके बाद वर्ष 2012 में फिर गोंडा विधानसभा से विधायक चुने गए. अखिलेश सरकार में राजस्व राज्य मंत्री बने. अक्टूबर 2013 में सीएमओ कांड में फंसने पर पंडित सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. लेकिन एक साल बाद ही फिर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री बने। सपा के सबसे पुराने और निष्ठावान होने के कारण अखिलेश सरकार के मंत्रीमंडल के तीसरे विस्तार में उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैबिनेट मंत्री बनाया और कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्रालय सौंपा। इसके बाद फिर वे माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री बने. वर्ष 2014 में कैसरगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और मोदी लहर में भी तीन लाख से अधिक वोट पाए मगर...भाजपा के बृजभूषण शरण सिंह से चुनाव हार गए.
विस चुनाव 2017 में उन्होंने बड़े भाई स्वर्गीय रवींद्र सिंह के बेटे सूरज सिंह को राजनीति में स्थापित करने के लिए सदर विधानसभा छोड़कर सूरज सिंह को टिकट दिलवाया और खुद तरबगंज विधानसभा से चुनाव लड़े। लेकिन चुनाव में सफल नहीं हो सके। इस बार पंचायत चुनाव 2020 में उन्होंने पार्टी समर्थकों के पक्ष में वे प्रचार करने आए तो कोरोना संक्रमित हो गए। फिर भी उन्होंने फोन के जरिए लोगों से अपील किया। 18 अप्रैल 2021 से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, देश के जानेमाने चिक्तिसकों की टीम के निगरानी में इलाज हो रहा था। लेकिन शुक्रवार को उन्हें बचाया नहीं जा सका।गोंडा जिले के सपा नेता और पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह की शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई. पंडित सिंह का लखनऊ में इलाज चल रहा था. गोंडा के नवाबगंज निवासी पंडित सिंह पिछले महीने से कोरोना संक्रमित थे. बाद में हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था. लगभग 15 दिनों से वह लखनऊ अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे. 18 अप्रैल से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, देश के जानेमाने चिक्तिसकों की टीम के निगरानी में इलाज हो रहा था। लेकिन शुक्रवार को उन्हें बचाया नहीं जा सका।पंडित सिंह के निधन से सपा खेमे में शोक की लहर दौड़ गई है। पंडित सिंह पहले भी दो बार संक्रमित होने के बाद कोरोना को मात दे चुके थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पंडित सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया है।


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