29 मई 2021

मानव मूल्यों के आधार पर समाज के वंचित वर्ग के कल्याण और राष्ट्र की सुरक्षा पर चिंतन है -हिन्दी पत्रकारिता


मानव मूल्यों के आधार पर समाज के वंचित वर्ग के कल्याण और राष्ट्र की सुरक्षा पर चिंतन है -हिन्दी पत्रकारिता

भारतीय पत्रकारिता के इतिहास की विरासत और वैचारिक प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेकर आज की आवश्यकताओं के अनुरूप पत्रकारिता का दिशा दर्शन समय की आवश्यकता है। पत्रकारिता मानव मूल्यों के आधार पर समाज के वंचित वर्ग के कल्याण और राष्ट्र की सुरक्षा पर चिंतन है। भारत में मिशन के रूप में पत्रकारिता का शुभारम्भ हुआ था। इसका आधार भावनाओं को जनमानस तक पहुँचाने का प्रयास था। देश की गुलामी के विरोध में जो भावनाएँ बनी थी। उनको प्रसारित करना था। पत्रकारों ने इसके लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियाँ दीं। उन्होंने बताया कि समाज का ज्ञान और उसकी समस्याओं के प्रति विचार और चिंतन जब लेखनीबद्ध होता था तो वह ज्वाला बन जाता है। स्वतंत्रता संग्राम की ऐसी पत्रकारिता में बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी माखनलाल चतुर्वेदी आदि नामों की एक लम्बी श्रृंखला है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए विभिन्न स्वनाम धन्य पत्रकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश में कांग्रेस के संस्थापकों में बाबू गंगा प्रसाद वर्मा जिन्होंने हिन्दीं, अंग्रेजी और उर्दू में छोटे-छोटे अखबारों से जन जागृति की मिसाल कायम की। घर से ही अखबार छापने और उसमें अग्रलेखन के लिए जेल आने-जाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पत्रकार महेशनाथ शर्मा पत्रकारिता के संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रतीक थे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने भी कई अखबारों का सम्पादन किया। वह प्रधानमंत्री के पद तक पहुँचे। साहित्यिक समाज में एकमात्र कवि थे जिनका सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक चिंतन था। अखबार का अग्रलेख हो अथवा कविता की पंक्तियाँ उन्हें सारे समूह से अलग खड़ा कर देती थी।आपातकाल के समय रामनाथ गोयनका ने पत्रकारिता की अलख जलाई रखी।पत्रकारिता को परिभाषित करने वाली गौरवपूर्ण उक्ति है।  पत्रकारिता से प्रारम्भ कर अनेक ख्यातनाम व्यक्ति बड़े-बड़े पदों पर पहुँचे हैं। पत्रकारिता सामाजिक, साहित्यिक, राजनैतिक जीवन में प्रवेश का स्त्रोत भी हैऔर उसकी वैचारिक समृद्धता का संग्रह भी है। सफल पत्रकारिता के लिए इन प्रेरणा प्रतीकों के आत्मबल, प्रतिबद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति निष्पक्षता के गुणों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा ली जानी चाहिए।

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