सूर्य ग्रहण पर शनि जयंती के दिन सूर्य और शनि का 148 साल बाद अद्भुत योग
हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष का पहला ज्येष्ठ मास की आमावस्या तिथि को सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह तिथि , 10 जून को पड़ेगी। यह इस वर्ष का दूसरा ग्रहण है, परन्तु सूर्य ग्रहण पहला है। इससे पहले 26 मई को वर्ष का पहला चन्द्र ग्रहण लग चुका है। वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण दिसंबर महीने में पड़ेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह आंशिक सूर्य ग्रहण है, भारत में न के बराबर दिखाई देगा। अतः इसका देश में प्रभाव भी आंशिक ही रहेगा।
साल का पहला सूर्यग्रहण 10 जून को लगेगा। शनि जयंती के दिन सूर्यग्रहण करीब 148 साल बाद लग रहा है। शनि जयंती के दिन सूर्य और शनि का अद्भुत योग बनेगा। भारत में यह सूर्यग्रहण आंशिक तौर पर नजर आएगा। जिसके कारण देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य ग्रहण, दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर शाम के 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
भारत में, आंशिक सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण भारत में, आंशिक सूर्य ग्रहण है। इसलिए इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। यह सूर्य ग्रहण दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका और आइसलैंड में अधिक प्रभावशाली रहेगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण का अद्भुत संयोग 26 मई 1873 को पड़ा था। यह ग्रहण वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगने वाला है। मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो मकर राशि में शनि हैं, जिसकी दृष्टि मीन और कर्क राशि में विराजमान मंगल ग्रह पर है।
ग्रहण का समय-
सूर्य ग्रहण 10 जून 2021, दिन गुरुवार को दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा, जोकि शाम 06 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान-
मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान भोजन या पानी का सेवन नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति की पाचन क्षमता कमजोर होती है। जिसके कारण व्यक्ति के बीमार होने की ज्यादा संभावना रहती है।
ग्रहण के दौरान नाखून कांटना, बालों में कंघी करना और दांतों की सफाई करना अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि ग्रहण के समय सोना भी नहीं चाहिए।
ग्रहण के दौरान चाकू या धारदार चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से अशुभ फलों की प्राप्ति होती है।
ग्रहण के दौरान कोई भी नया काम या मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से उस काम में असफलता मिलती है।
ग्रहण के दौरान क्या करें-
ग्रहण शुरू होने से पहले खुद को शुद्ध कर लें। ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान आदि कर लेना शुभ माना जाता है।
ग्रहण काल में अपने इष्ट देव या देवी की पूजा अर्चना करना शुभ होता है।
सूर्य ग्रहण में दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए।
ग्रहण खत्म होने के बाद एक बार फिर स्नान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
ग्रहण काल के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डालना चाहिए।
जी के श्रीवास्तव


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