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24 जनवरी 2022

24 जनवरी : राष्ट्रीय बालिका दिवस: जानिए इस दिन का महत्व

 


राष्ट्रीय बालिका दिवस

राष्ट्रीय बालिका दिवस भारत में हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत महिला एवं बाल विकास, भारत सरकार ने 2008 में की थी। इस दिन को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें सेव द गर्ल चाइल्ड, चाइल्ड सेक्स रेशियो, और बालिकाओ के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण बनाने सहित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2009 से हुई। महिला बाल विकास मंत्रालय ने पहली बार साल 24 जनवरी 2009 को देश में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया।

24 जनवरी को क्यों होता है बालिका दिवस?

24 जनवरी के दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के रूप में याद किया जाता है। इस दिन इंदिरा गांधी पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में कर्यभाल संभाला था। इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। 2019 में, इसे 'एम्पॉवरिंग गर्ल्स फॉर ए ब्राइटर टुमॉरो' की थीम के साथ मनाया गया।

हर साल 24 जनवरी को बालिका दिवस  इंदिरा गांधी से जुड़ी हुई है। साल 1966 में इंदिरा गांधी ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। भारत के इतिहास और महिलाओं के सशक्तिकरण में 24 जनवरी का दिन महत्वपूर्ण है।

बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य?

देश में लड़कियों द्वारा सामना की जाने वाली सभी असमानताओं के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना।

बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना।

बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना।

देश की बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। समाज में बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में देश की बेटियों के साथ ही सभी लोगों को जागरूक करना है। इस दिन हर साल राज्य सरकारें अपने अपने प्रदेश में जागरूक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं।

राष्ट्रीय बालिका दिवस 2022 की थीम

हर साल राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम अलग होती है। बालिका दिवस साल 2021 की थीम 'डिजिटल पीढ़ी, हमारी पीढ़ी' थी। साल 2020 में बालिका दिवस की थीम 'मेरी आवाज, हमारा समान भविष्य' थी। साल 2022 बालिका दिवस की थीम की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है।

भारत में हर साल 24 जनवरी का दिन राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2009 में पहली बार महिला बाल विकास मंत्रालय ने की थी. इस दिन को बालिका बचाओ अभियान, बाल लिंग अनुपात, और लड़कियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा देने जैसे संगठित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं. पहले जहां बेटियों के पैदा होने पर भी उन्हें बाल विवाह जैसे कू प्रथा में झोंक दिया जाता था, वहीं आज बेटी होने पर लोग गर्व करते हैं. देश की आजादी के बाद से भारत सरकार ने बेटियों और बेटों में भेदभाव को खत्म करने के लिए कई योजनाएं चलाई. बेटियों को देश में पहले पायदान पर लाने के लिए कई कानून लागू किए गए. मुख्य रूप से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है. केंद्र सरकार समेत राज्य सरकारें भी अपने अपने राज्यों में बेटियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाते हैं. भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी और 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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01 जनवरी 2022

प्रधानमंत्री ने 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 20,000 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की

 


पीएम-किसान की 10वीं किस्त जारी: पीएम मोदी ने 10 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 20,000 करोड़ से अधिक रुपए ट्रांसफर किए

नई दिल्ली:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 10वीं किस्त जारी की| प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 20,000 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। साथ ही PM ने लगभग 351 किसान उत्पादक संगठनों को 14 करोड़ से अधिक का इक्विटी अनुदान भी जारी किया, इससे 1.24 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। स्कीम के तहत पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त-नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है।PM मोदी ने कहा,'' आज जब हम नव वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, तब बीते साल के अपने प्रयासों से प्रेरणा लेकर हमें नए संकल्पों की तरफ बढ़ना है। इस साल हम अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेंगे। ये समय देश के संकल्पों की एक नई जीवंत यात्रा शुरू करने का है, नए हौसले से आगे बढ़ने का है| कितने ही लोग देश के लिए अपना जीवन खपा रहे हैं, देश को बना रहे हैं। ये काम पहले भी करते थे, लेकिन इन्हें पहचान देने का काम अभी हुआ है। हर भारतीय की शक्ति आज सामूहिक रूप में परिवर्तित होकर देश के विकास को नई गति और नई ऊर्जा दे रही है|

कार्यक्रम के दौरान PM मोदी ने किसानी उत्पादक संगठन (FPO) से जुड़े लोगों से भी बातचीत की। किसान सम्मान निधि के तहत सरकार हर साल किसानों के अकाउंट में 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तों में 6000 रुपए ट्रांसफर करती है। स्कीम के तहत पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त-नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है।PM मोदी ने कहा,'' आज जब हम नव वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, तब बीते साल के अपने प्रयासों से प्रेरणा लेकर हमें नए संकल्पों की तरफ बढ़ना है। इस साल हम अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेंगे। ये समय देश के संकल्पों की एक नई जीवंत यात्रा शुरू करने का है, नए हौसले से आगे बढ़ने का है| कितने ही लोग देश के लिए अपना जीवन खपा रहे हैं, देश को बना रहे हैं। ये काम पहले भी करते थे, लेकिन इन्हें पहचान देने का काम अभी हुआ है। हर भारतीय की शक्ति आज सामूहिक रूप में परिवर्तित होकर देश के विकास को नई गति और नई ऊर्जा दे रही है|

उन्होंने कहा,''आज हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर 8% से भी ज्यादा है। भारत में रिकॉर्ड विदेशी निवेश आया है। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। GST कलेक्शन में भी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हुए हैं। निर्यात और विशेषकर कृषि के मामले में भी हमने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं| 2021 में भारत ने करीब-करीब 70 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन सिर्फ UPI से किया है। आज भारत में 50 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स काम कर रहे हैं। इनमें से 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट्स अप्स तो पिछले 6 महीने में बने हैं|

उन्होंने कहा,''2021 में भारत ने अपने सैनिक स्कूलों को बेटियों के लिए खोल दिया। 2021 में भारत ने नेशनल डिफेंस एकेडमी के द्वार भी महिलाओं के लिए खोल दिए हैं। 2021 में भारत ने बेटियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल यानि बेटों के बराबर करने का भी प्रयास शुरू किया है| क्लाइमेट चेंज के खिलाफ विश्व का नेतृत्व करते हुए भारत ने 2070 तक नेट जीरो कार्बन एमिशन का भी लक्ष्य दुनिया के सामने रखा है। आज भारत हाइड्रोजन मिशन पर काम कर रहा है, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में lead ले रहा है|

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29 नवंबर 2021

कोरोना का नया वेरिएंट :ओमीक्रॉन - डेल्टा से कितना अधिक खतरनाक है कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट- विश्व स्वास्थ्य संगठन

 

डेल्टा से कितना अधिक खतरनाक है कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट- विश्व स्वास्थ्य संगठन

कोरोना वायरस ने एक बार फिर अपना रूप बदल लिया है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना का नया वेरिएंट पाया गया है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमीक्रॉन नाम दिया है। WHO ने इसे 'बेहद संक्रामक चिंताजनक स्वरूप' करार दिया है। इससे पहले इस श्रेणी में कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप था जिससे यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में लोगों ने बड़े पैमाने पर जान गंवाई।

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट (Covid-19 Omicron Variant) से प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए क्वारंटाइन अनिवार्य हो सकता है। दिल्ली सरकार का मानना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो एक व्यक्ति भी कोरोना के इस नए स्वरूप को तेजी से फैला सकता है। आज होने वाली दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में सरकार इसका प्रस्ताव रख सकती है।विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने इस सप्ताह की शुरुआत में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन बी.1.1.529 को 'ओमिक्रॉन' नाम दिया। इसको लेकर चिंता भी जताई गई। हालांकि, ओमिक्रॉन स्वरूप की गंभीरता का स्तर समझने के लिए अभी कोशिशें जारी हैं। अभी कई सप्ताह तक का समय लग सकता है। इस बीच डब्ल्यूएचओ ने रविवार को दुनिया भर के अन्य देशों से अपील की है कि वे ओमिक्रॉन को लेकर चिंता के कारण दक्षिण अफ्रीकी देशों से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाएं।  डेल्टा से ओमिक्रॉन की तुलना:

1. डब्ल्यूएचओ के अनुसार, प्रारंभिक साक्ष्य से पता चलता है कि 'ओमिक्रॉन' के साथ पुन: संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले कोरोना हो चुका है, वे इस वेरिएंट से अधिक आसानी से पुन: संक्रमित हो सकते हैं।

2. यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि डेल्टा और अन्य प्रकारों की तुलना में 'ओमिक्रॉन' अधिक संचरणीय (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अधिक आसानी से फैलता है) है या नहीं। आरटी-पीसीआर परीक्षण तनाव का पता लगा सकते हैं।

3. डब्ल्यूएचओ टीकों पर इस प्रकार के संभावित प्रभाव को समझने के लिए तकनीकी भागीदारों के साथ काम कर रहा है।

4. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 'ओमिक्रॉन' से संक्रमण अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है या नहीं। वर्तमान में यह सुझाव देने के लिए कोई जानकारी नहीं है कि ओमिक्रॉन से जुड़े लक्षण अन्य प्रकारों से भिन्न हैं।

5. प्रारंभिक आंकड़ें बताते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन ''इसका कारण ओमिक्रॉन से संक्रमण के बजाए सभी स्वरूपों से संक्रमित लोगों की कुल संख्या में वृद्धि हो सकता है।

डब्ल्यूएचओ ने रविवार को दुनिया भर के अन्य देशों से अपील की कि वे ओमिक्रॉन को लेकर चिंता के कारण दक्षिण अफ्रीकी देशों से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाएं। अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक मात्शिदिसो मोएती ने देशों से यात्रा प्रतिबंधों का उपयोग करने से बचने के लिए विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “यात्रा प्रतिबंध कोविड-19 के संक्रमण को थोड़ा कम करने में भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन इससे लोगों के जीवन और आजीविका पर बहुत प्रभाव पड़ता है।''

ओमिक्रॉन से संक्रमण के मामले सामने आने के बीच कई देशों ने दक्षिण अफ्रीकी देशों के यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। बी.1.1.529 का पता लगने और उसकी संक्रामकता को लेकर चिंताओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीका और दुनियाभर के अनुसंधानकर्ता ओमिक्रॉन के कई पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं और वे इन अनुसंधानों के परिणाम सामने आने के बाद उन्हें साझा करेंगे।

डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन को ''चिंताजनक स्वरूप'' करार दिया है। संगठन ने कहा, ''अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ओमिक्रॉन डेल्टा स्वरूप की अपेक्षा अधिक संक्रामक है या नहीं।'' उसने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में इस स्वरूप से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह समझने के लिए महामारी विज्ञान संबंधी अध्ययन चल रहे हैं कि क्या यह ओमिक्रॉन के कारण है या अन्य कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं।

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20 नवंबर 2021

केदारनाथ-बदरीनाथ : यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि , 64 दिन में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

केदारनाथ-बदरीनाथ : यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि , 64 दिन में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चारधाम के दर्शनों को लेकर इस साल कोरोना संक्रमण के बावजूद तीर्थ यात्रियों में काफी उत्साह रहा। यही वजह रही कि इस साल पिछले साल की तुलना में अधिक संख्या में तीर्थ यात्री चारधाम दर्शनों को पहुंचे। हमारा प्रयास है कि हर साल अधिक से अधिक संख्या में तीर्थ यात्री चारधाम पहुंचे। 

सरकार ने यात्रा खोलने के लिए अपील की तो कोर्ट ने यात्रा से रोक हटाते हुए सीमित संख्या में यात्रा शुरू करने की इजाजत दी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 18 सितंबर को चारधामों की यात्रा शुरू हो पाई। लेकिन ई पास की व्यवस्था और यात्रियों की सीमित संख्या के कारण कम ही लोग दर्शन कर पाए। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए हाई कोर्ट ने पांच अक्तूबर को यात्रा से जुड़ी ई पास की शर्तें खत्म कर दी। कोविड प्रतिबंधों के बावजूद इस साल पांच लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए। यात्रा कम अवधि के लिए संचालित होने के बावजूद पिछले साल के मुकाबले यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई है।  विदित है कि इस साल मई महीने में चारधामों के कपाट खुल गए थे। लेकिन कोविड संक्रमण की वजह से हाइकोर्ट ने यात्रा पर रोक लगा दी।

इसके बाद यात्रा में खासी तेजी आई और बड़ी संख्या में देशभर के लोग दर्शन के लिए पहुंचे। सचिव धर्मस्व एचसी सेमवाल ने कहा कि चारधाम के दर्शनों को लेकर इस साल कोरोना संक्रमण के बावजूद तीर्थ यात्रियों में काफी उत्साह रहा। यही वजह रही कि इस साल पिछले साल की तुलना में अधिक संख्या में तीर्थ यात्री चारधाम दर्शनों को पहुंचे। हमारा प्रयास है कि हर साल अधिक से अधिक संख्या में तीर्थ यात्री चारधाम पहुंचे। 

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13 अक्टूबर 2021

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही 2 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीन


(DCGI) से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही 2 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीन

क्लीनिकल ट्रायल्स में लगभग 78 प्रतिशत असरदार साबित

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच वैक्सीन को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है और अब देश में 2 साल से 18 साल के बच्चों के टीके को लेकर बड़ी खबर आ रही है. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन  को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. भारत में बच्चों के लिए मंजूरी पाने वाली यह पहली वैक्सीन है.

ट्रायल में 78 प्रतिशत असरदार साबित हुई कोवैक्सीन

भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने सितंबर में बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल पूरे किए थे और क्लीनिकल ट्रायल्स में लगभग 78 प्रतिशत असरदार साबित हुई थी. कंपनी द्वारा डाटा सबमिट किए जाने के बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने आंकलन के बादकंपनी से एडिशनल डाटा मांगा था, जो शनिवार को सबमिट कर दिया गया था.   इसे लेकर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी  की मीटिंग हुई थी और आज हुई बैठक में 2 से 18 साल के बच्चों को कोवैक्सीन  लगाए जाने को अनुमति दे दी गई.

बच्चों को लगाई जाएगी कोवैक्सीन की 2 डोज

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही 2 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीन अभियान (Vaccination Campaign) की शुरुआत की जाएगी. बच्चों को कोवैक्सीन (Covaxin for Children) की दो डोज दी जाएगी.


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06 अक्टूबर 2021

रामायण के 'रावण' का किरदार निभाने वाले अभिनेता के निधन पर PM मोदी ने जताया दुख

 

रामायण के 'रावण' का किरदार निभाने वाले अभिनेता के निधन पर PM मोदी ने जताया  दुख

रामानंद सागर के धार्मिक टीवी शो 'रामायण' में रावण का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरविंद त्रिवेदी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'हमने अरविंद त्रिवेदी को खो दिया है, जो न केवल एक असाधारण अभिनेता थे, बल्कि जनसेवा के प्रति भी जुनूनी थे। भारतीयों की पीढ़ियों के लिए, उन्हें रामायण टीवी धारावाहिक में उनके काम के लिए याद किया जाएगा।'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरविंद त्रिवेदी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके साथ की एक तस्वीर भी ट्वीट किया है।

83 वर्षीय अरविंद त्रिवेदी का मंगलवार (05 अक्टूबर) की रात को हार्टअटैक से निधन हो गया। बता दें कि बीते लंबे वक्त से अरविंद उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। वहीं वो पिछले कुछ वक्त से चलने में भी असमर्थ हो गए थे।

अरविंद त्रिवेदी एक ओर जहां रामानंद सागर की रामायण में रावण बनकर दर्शकों का दिल जीता था तो वहीं कई गुजराती फिल्मों में भी उन्होंने बेहतरीन अदाकारी से अपने लिए बड़ा मुकाम बनाया था। गुजराती सिनेमा में उन्होंने करीब 40 साल तक योगदान दिया। इसके साथ ही टीवी शो विक्रम और बेताल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। जानकारी के मुताबिक अरविंद ने हिंदी और गुजराती फिल्मों को मिलाकर करीब 300 फिल्मों में काम किया था।

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01 सितंबर 2021

आम आदमी को महंगाई का झटका: 15 दिन में दूसरी बार बढ़ाए गए रसोई गैस सिलेंडर के दाम, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी बढ़ी

15 दिन में दूसरी बार बढ़ाए गए रसोई गैस सिलेंडर के दाम, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी बढ़ी

नई दिल्ली:
सितंबर महीने के पहले दिन आम आदमी को बड़ा झटका लगा है.. घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत आज यानी 1 सितंबर से 25 रुपए बढ़ गई है। इस इजाफे के बाद में अब दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के LPG सिलेंडर का दाम बढ़कर 884.50 रुपये हो गए हैं| 

वहीं 19 किलोग्राम कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम बढ़कर 884.50 रुपये हो गए हैं।

सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम 25 रुपये बढ़ाए| 25 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत की कीमत 859.50 रुपए प्रति सिलेंडर से बढ़कर 884.50 रुपए हो गई है। 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी 75 रुपये बढ़ी, जिसकी कीमत दिल्ली में 1693 रुपये होगी| नई दरें आज से प्रभावी हैं।

15 दिन में ही गैर-सब्सिडी वाला LPG सिलेंडर 50 रुपये महंगा हो चुका है। इससे पहले पेट्रोलियम कंपनियों ने 17 अगस्त को गैस सिलेंडर की कीमतों में 25 रुपये का इजाफा किया था। जुलाई में भी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गे थे। बता दें कि 1 जनवरी से 1 सितंबर तक रसोई गैस की कीमत में 190 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

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14 अगस्त 2021

जानें !15 अगस्त को झंडा फहराने का तरीका 26 जनवरी से कैसे अलग होता है

जानें  !15 अगस्त को झंडा फहराने का तरीका 26 जनवरी से कैसे अलग होता है

हर साल 
15 अगस्त   26 जनवरी हम गणतंत्र दिवस (Gantantra Diwas) मनाते हैं। पूरे देश में जगह-जगह झंडे (Tiranga) फहराए जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है, कि गणतंत्र दिवस (Republic Day) और स्वतंत्रता दिवस (Indpendence Day) पर झंडा फहराने का तरीका अलग होता है।भारत और यहां के नागरिकों के लिए दोनों ही दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। 15 अगस्त को जहां पूरा देश शहीदों को नमन कर आजादी का जश्न मनाता है, वहीं 26 जनवरी हमें अपने संविधान (Constitution of India) और लोकतंत्र (Democracy) की अहमियत का एहसास कराती है। साल में इन दोनों अवसरों पर देशभर में झंडोतोलन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन दोनों में कुछ मूल अंतर हैं। ऐसे ही तीन बड़े अंतर आगे बताए जा रहे हैं।

15  अगस्त और 26 जनवरी के झंडे फहराने में दोनों का अलग अलग महत्व और अंतर है। 


पहला_अंतर


15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है, फिर खोल कर फहराया जाता है,  जिसे ध्वजारोहणबकहा जाता है क्योंकि यह 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना  को सम्मान देने हेतु किया जाता है जब प्रधानमंत्री जी ने ऐसा किया था। संविधान में इसे अंग्रेजी में  Flag Hoisting (ध्वजारोहण) कहा जाता है।

जबकि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा ऊपर ही बंधा रहता है, जिसे खोल कर फहराया जाता है, संविधान में इसे Flag Unfurling (झंडा फहराना) कहा जाता है।

दूसरा_अंतर

15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री जो कि केंद्र सरकार के प्रमुख होते हैं वो ध्वजारोहण करते हैं, क्योंकि स्वतंत्रता के दिन भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था और राष्ट्रपति जो कि राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते है, उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया था। इस दिन शाम को राष्ट्रपति अपना सन्देश राष्ट्र के नाम देते हैं।

जबकि 26 जनवरी जो कि देश में संविधान लागू होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, इस दिन संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं

तीसरा_अंतर

स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले से ध्वजारोहण किया जाता है।

जबकि गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर झंडा फहराया जाता है।

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08 अगस्त 2021

राजनांदगांव गाय के गोबर से बने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचने वाला राज्य का पहला जिला बन गया

 

गाय के गोबर से बनी खाद और अन्य उत्पाद बेचे जा चुके हैं।
जिले की महिलाओं की मदद के लिए 5 करोड़ रुपये मूल्य की गाय के गोबर से बनी खाद और अन्य उत्पाद बेचे जा चुके हैं।
'छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में गाय के गोबर से उत्पाद बनाने में लगी हजारों ग्रामीण और गरीब महिलाओं के लिए प्रशासन एक बाजार उपलब्ध कराने जा रहा है। बढ़ती मांग के बाद प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके उत्पाद अन्य राज्यों सहित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक व्यापक बाजार जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में गाय के गोबर से उत्पाद बनाने में लगी हजारों ग्रामीण और गरीब महिलाओं के लिए प्रशासन एक बाजार उपलब्ध कराने जा रहा है।



'
354 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 4,000 से अधिक महिलाओं द्वारा बनाए गए खाद, गोबर के उपले (ईंधन के रूप में प्रयुक्त), दीये (दीपक) और फूलदान जैसे गोबर उत्पाद अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने यह दावा किया है।

राजनांदगांव के कलेक्टर तरण प्रकाश सिन्हा ने कहा, “राजनांदगांव गाय के गोबर से बने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचने वाला राज्य का पहला जिला बन गया है। अब तक जिले की महिलाओं की मदद के लिए 5 करोड़ रुपये मूल्य की गाय के गोबर से बनी खाद और अन्य उत्पाद बेचे जा चुके हैं। कुछ दिनों पहले शुरू हुई ऑनलाइन बिक्री में अब तक एक लाख रुपए के उत्पाद बेचे जा चुके हैं। इसका उद्देश्य उत्पादन में वृद्धि के लिए बाजार का विस्तार करके निर्माताओं के मुनाफे को और बढ़ाना है। पिछले कुछ दिनों में ऑनलाइन बिक्री में वृद्धि हुई है।कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार की एक योजना के तहत प्रशासन द्वारा खरीदे गए 66,400 क्विंटल गोबर का उपयोग करके लगभग 365 गौठान या गौशाला इस काम में लगे हुए हैं। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ ने इससे पहले 'गोधन न्याय योजना' नाम से एक योजना शुरू की थी, जिसमें डेयरी किसानों से 2 रुपये प्रति किलो गाय का गोबर खरीदने के लिए उन्हें वित्तीय सहायता की पेशकश की गई थी।

कलेक्टर ने कहा, “अब तक, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाई गई 1.5 करोड़ रुपये की 53,000 क्विंटल वर्मीकम्पोस्ट बेची जा चुकी है। पहले खाद केवल गौशालाओं में बेची जाती थी, लेकिन अब यह अन्य राज्यों से भी खाद की बढ़ती मांग के कारण अमेज़न जैसे प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन बिक रही है। अब तक महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से लाखों रुपये के ऑर्डर मिल चुके हैं।''छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में गाय के गोबर से उत्पाद बनाने में लगी हजारों ग्रामीण और गरीब महिलाओं के लिए प्रशासन एक बाजार उपलब्ध कराने जा रहा है। बढ़ती मांग के बाद प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके उत्पाद अन्य राज्यों सहित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक व्यापक बाजार
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06 अगस्त 2021

हरियाणा बनेगा खेलों का हब : टोक्यो ओलंपिक में पदक न जीतने पर भी मिलेगा 10 लाख का इनाम- सीएम खट्टर


टोक्यो ओलंपिक में पदक न जीतने पर भी मिलेगा 10 लाख का इनाम- सीएम खट्टरहरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को ऐलान किया कि खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए हम हरियाणा को खेलों का हब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन पर हम गोल्ड मेडल विजेताओं को 6 करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल विजेताओं को 4 करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं को 2.5 करोड़ रुपये देते हैं। इसके साथ ही पहली बार हरियाणा सरकार ने चौथे स्थान पर रहने वाले प्रत्येक एथलीट/खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपये देने का फैसला किया है।मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में बजरंग पुनिया सेमीफाइनल नहीं जीत पाए तो भी हम आशा करते हैं कि वे ब्रॉन्ज मेडल के लिए शनिवार को होने वाले मैच में जीतकर आगे बढ़ेंगे। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। हम सभी खिलाड़ियों का वापस आने पर सम्मान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो खिलाड़ी मेडल नहीं भी लेकर आएंगे उन्हें भी 10-10 लाख रुपये देश वापस लौटते ही मिलेंगे
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05 अगस्त 2021

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचा , हॉकी टीम की जीत पर राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी की बधाई

 भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचा

नई दिल्ली: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में भारत ने जर्मनी को हराकर मेडल पर कब्जा कर लिया। इस मैच में टीम इंडिया ने जर्मनी को 5-1 से शिकस्त दी। भारत ने 41 साल बाद हॉकी में पदक जीता है। भारत ने आखिरी बार 1980 में मॉस्को ओलिंपिक में पदक जीता था, जो स्वर्ण के रूप में आया था|

इस जीत से पूरे देश में खुशी का माहौल है| राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ,कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, BSP नेता मायावती समेत देश की विभिन्न शख्सियतों ने भारत की हॉकी मेन्स टीम को जीत के लिए बधाई दी है| प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश को अपनी हॉकी टीम पर गर्व है|

हमारी पुरुष हॉकी टीम को 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने के लिए बधाई। ये ऐतिहासिक जीत हॉकी में एक नए युग की शुरुआत करेगी और युवाओं को खेल में आगे बढ़ने और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगा: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

ऐतिहासिक! एक ऐसा दिन जो हर भारतीय की याद में अंकित होगा। कांस्य पदक जीतने के लिए हमारी पुरुष हॉकी टीम को बधाई। भारत को अपनी हॉकी टीम पर गर्व है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई! यह एक बड़ा क्षण है- आपकी उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है, Well-deserved victory: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी

What an incredible game! Another medal for team India. So happy for our men’s hockey team. Well done: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी

भारतीय पुरुष हाकी टीम द्वारा टोक्यो ओलम्पिक में कांस्य मेडल जीतने पर दिली मुबारकबाद। 41 वर्ष के लम्बे अन्तराल के बाद यह उपलब्धि निश्चय ही हर भारतीय को खुश व गौरवान्वित करने वाली है:BSP नेता मायावती

41 साल के लंबे समय के बाद हमें ओलंपिक पदक दिलाने के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई। ये ऐतिहासिक जीत खिलाड़ियों की पीढ़ी को प्रेरित करेगी: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक 

भारतीय हॉकी टीम को बहुत बधाई जिन्होंने 135 करोड़ भारतीयों के चेहरे पर खुशी लाईं। टीम ने अपने प्रदर्शन से पदक जीतकर 135 करोड़ भारतीयों का दिल भी जीता है।  41 साल बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर मेडल जीता है इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई: केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर

भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद एक ऐसी दीवार को तोड़ा है जो बहुत समय से नहीं हो पा रहा था। जर्मनी को हराना बहुत बड़ी बात है। भारत ने जीतकर सिर्फ मेडल ही नहीं जीता बल्की देशभर के लोगों का दिल जीता है: हरियाणा खेल मंत्री संदीप सिंह 

हरियाणा: टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने जीत का जश्न मनाया।

भारत ने आखिरकार कर दिखाया। यह ठीक है कि गोल्ड मेडल नहीं मिलने की कसक है लेकिन हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर 135 करोड़ लोगों का सर ऊंचा कर दिया। इतने सालों के बाद मिली उपलब्धि के बाद आज हर आदमी नाच रहा है: हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज

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03 अगस्त 2021

दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ बहुत कुछ कर सकते हैं- रिचर्ड वर्मा

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2030 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।2030 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है। यह कहना है कि अमेरिका के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक का। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ बहुत कुछ कर सकते हैं। रिचर्ड वर्मा ने कहा, "मैं वर्ष 2030 को देखता हूं और मुझे एक ऐसा भारत दिखाई देता है जो लगभग हर वर्ग में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।'' उन्होंने कहा, ''सबसे अधिक आबादी वाला देश, सबसे अधिक कॉलेज स्नातक, सबसे बड़ा मध्यम वर्ग, सबसे अधिक सेल फोन और इंटरनेट उपयोगकर्ता, तीसरी सबसे बड़ी सैन्य ताकत और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में 25 साल से कम उम्र के 60 करोड़ लोग हैं। "

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में 25 साल से कम उम्र के 60 करोड़ लोग हैं।दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ बहुत कुछ कर सकते हैं- रिचर्ड वर्मा अमेरिका के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक 

जिंदल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस में अपने शुरुआती संबोधन में, भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत ने युवा छात्रों से कहा कि भारत में एशिया में सबसे युवा कार्यबल है।उन्होंने कहा, ''सबसे अधिक आबादी वाला देश, सबसे अधिक कॉलेज स्नातक, सबसे बड़ा मध्यम वर्ग, सबसे अधिक सेल फोन और इंटरनेट उपयोगकर्ता, तीसरी सबसे बड़ी सैन्य ताकत और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में 25 साल से कम उम्र के 60 करोड़ लोग हैं। " उन्होंने कहा, "आपको इसका फायदा 2050 तक मिलता रहेगा।" उन्होंने 'ड्राइविंग साझा समृद्धि - अमेरिका-भारत संबंधों के लिए एक 21 वीं सदी की प्राथमिकता' पर अपनी टिप्पणी में यह बात कही।2030 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है। यह कहना है कि अमेरिका के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक का। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ बहुत कुछ कर सकते हैं। रिचर्ड वर्मा ने कहा, "हमारी आंखों के ठीक सामने आज भारत बड़े पैमाने पर हो रहे विकास के मामले में शीर्ष पर है। अगले दशक में बुनियादी ढांचे के विकास पर करीब 2 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए जाएंगे। 2030 के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का बड़ा हिस्सा बनाया जाना बाकी है। इसलिए आज अकेले करीब 100 नए हवाईअड्डों की योजना बनाई जा रही है या निर्माण किया जा रहा है।"'



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24 जुलाई 2021

गुरु पूर्णिमा : दुःखों से निकलकर प्रगति और सुख को हासिल कर सकते हैं। यही संतुलन हमें लोककल्याण की प्रेरणा देता है-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 

यही संतुलन हमें लोककल्याण की प्रेरणा देता है-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली: गुरु पूर्णिमा-आषाढ़ पूर्णिमा-धम्म चक्र दिवसहम दुःखों से निकलकर प्रगति और सुख को हासिल कर सकते हैं। यही संतुलन हमें अच्छे समय में हमें लोककल्याण की प्रेरणा देता है

 गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आषाढ़ पूर्णिमा-धम्म चक्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि ,''आज हम गुरु पूर्णिमा मनाते हैं, आज ही के दिन भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व की प्राप्ति के बाद अपना पहला ज्ञान संसार को दिया था। हमारे यहां कहा गया है कि जहां ज्ञान है, वहीं पूर्णता है| मोदी ने कहा कि,''सारनाथ में भगवान बुद्ध ने पूरे जीवन का सूत्र हमें बताया था। उन्होंने दुःख के बारे में बताया, दुःख के कारण के बारे में बताया, ये आश्वासन दिया कि दुःखों से जीता जा सकता है और इस जीत का रास्ता भी बताया|

आज कोरोना महामारी के रूप में मानवता के सामने वैसा ही संकट है जब भगवान बुद्ध हमारे लिए और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना हम कैसे कर सकते हैं, भारत ने ये करके दिखाया है। बुद्ध के सम्यक विचार को लेकर आज दुनिया के देश भी एक दूसरे का हाथ थाम रहे हैं, एक दूसरे की ताकत बन रहे हैं। इस दिशा में 'इंटरनेशनल बुद्धिष्ट कनफेडरेशन' का 'केयर विथ प्रेयर इनिशिएटिव' ये भी बहुत प्रशंसनीय है।

न ही वेरेन वेरानि, सम्मन्तीध कुदाचनम्।

अवेरेन च सम्मन्ति,एस धम्मो सनन्ततो॥

अर्थात, वैर से वैर शांत नहीं होता। बल्कि वैर अवैर से, बड़े मन से, प्रेम से शांत होता है। त्रासदी के समय में दुनिया ने प्रेम की, सौहार्द की इस शक्ति को महसूस किया है। बुद्ध का ये ज्ञान, मानवता का ये अनुभव जैसे जैसे समृद्ध होगा, विश्व सफलता और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि,''आज कोरोना महामारी के रूप में मानवता के सामने संकट है तब बुद्ध हमारे लिए और प्रासंगिक हो जाते हैं। बुद्ध के मार्ग पर चलकर हम बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कैसे कर सकते हैं, भारत ने ये करके दिखाया है। बुद्ध के सम्यक विचार को लेकर आज दुनिया के देश भी एक दूसरे का हाथ थाम रहे हैं|

आषाढ़ पूर्णिमा-धम्म चक्र दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि,'' आज के ही दिन भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व की प्राप्ति के बाद अपना पहला ज्ञान संसार को दिया था। हमारे यहाँ कहा गया है, जहां ज्ञान है वहीं पूर्णता है, वहीं पूर्णिमा है। और जब उपदेश करने वाले स्वयं बुद्ध हों, तो स्वाभाविक है कि ये ज्ञान संसार के कल्याण का पर्याय बन जाता है। त्याग और तितिक्षा से तपे बुद्ध जब बोलते हैं तो केवल शब्द ही नहीं निकलते,बल्कि धम्मचक्र का प्रवर्तन होता है। इसीलिए, तब उन्होंने केवल पाँच शिष्यों को उपदेश दिया था, लेकिन आज पूरी दुनिया में उन शब्दों के अनुयायी हैं, बुद्ध में आस्था रखने वाले लोग हैं।

सारनाथ में भगवान बुद्ध ने पूरे जीवन का, पूरे ज्ञान का सूत्र हमें बताया था। उन्होंने दुःख के बारे में बताया, दुःख के कारण के बारे में बताया, ये आश्वासन दिया कि दुःखों से जीता जा सकता है, और इस जीत का रास्ता भी बताया। भगवान बुद्ध ने हमें जीवन के लिए अष्टांग सूत्र, आठ मंत्र दिये। सम्मादिट्ठी, सम्मा-संकप्पो, सम्मावाचा, सम्मा-कम्मन्तो, सम्मा-आजीवो, सम्मा-वायामो, सम्मासति, और सम्मा-समाधि। यानी कि, सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाणी, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक मन, सम्यक समाधि यानी मन की एकाग्रता। मन, वाणी और संकल्प में, हमारे कर्मों और प्रयासों में अगर ये संतुलन है तो हम दुःखों से निकलकर प्रगति और सुख को हासिल कर सकते हैं। यही संतुलन हमें अच्छे समय में हमें लोककल्याण की प्रेरणा देता है, और मुश्किल में धैर्य रखने की ताकत देता है।


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21 जुलाई 2021

अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित-केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

 

अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित

अयोध्या की '84 कोसी परिक्रमा मार्ग' नेशनल हाईवे घोषित, ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी

 नई दिल्ली- अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित| केंद्र सरकार ने 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया...केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर दी जानकारी|

नितिन गडकरी ने लिखा,''उत्तर प्रदेश राज्य में 'चौरासी कोशी परिक्रमा मार्ग' को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करते हुए मसौदा अधिसूचना जारी की गई है।

परिक्रमा पथ के बन जाने से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु आसानी से चौरासी कोस में स्थित तीर्थों तक पहुंच सकेंगे। यह परिक्रमा पथ बस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बाराबंकी और गोंडा से होते हुए निकलता है।

इस पथ पर रामायण से जुड़े प्रतीकों में पुत्रेष्ठि यज्ञ स्थल मखौड़ा बस्ती, ऋषि शृंगी आश्रम, सेरवा घाट, सीताकुंड बीकापुर, आस्तिक आश्रम आस्तिकन, यमदग्नि आश्रम, गौतम ऋषि आश्रम रुदौली, मंडप ऋषि आश्रम लखनीपुर, जंबूदीप भौरीगंज गोंडा, संत तुलसी दास के गांव राजापुर, यमदग्नि कुंड पराशर ऋषि आश्रम जैसे आध्यात्मिक केंद्र हैं।

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विशेषज्ञों की सलाह, पहले प्राइमरी स्कूल खोले जाएं, बच्चों को खतरा कम-आइसीएमआर

पहले प्राथमिक विद्यालय खोले जाएं: आइसीएमआर

पहले प्राथमिक विद्यालय खोले जाएं: आइसीएमआर

नई दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर कम होने के बाद भले ही कुछ राज्यों ने नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूलों को धीरे-धीरे खोलने का एलान किया हो, लेकिन आइसीएमआर ने उच्चतर शिक्षा के बजाय प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाई पहले शुरू करने की सलाह दी है।

आइसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव चौथे सीरो सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि बड़ों की तुलना में बच्चों पर कोरोना का प्रभाव कम पड़ता है। उच्चतर कक्षाओं के बजाय प्राथमिक कक्षाओं को पहले शुरू करने की वैज्ञानिक वजह बताते हुए डाक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस जिस एस रिसेप्टर के सहारे शरीर की कोशिकाओं से जुड़ता है, वह बच्चों में कम होता है। इसीलिए संक्रमित होने के बावजूद बच्चों पर उसका प्रतिकूल असर कम दिखता है। उन्होंने कहा कि चौथे सीरो सर्वे की रिपोर्ट से भी यह साबित होता है। डाक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना की पहली लहर से लेकर तीसरी लहर तक यूरोप के कई देशों, जिसने स्कैंडिनेवियाई देश भी शामिल हैं, ने प्राथमिक स्कूलों को बंद नहीं किया और वहां लगातार कक्षाएं चलती रहीं। भारत में प्राथमिक कक्षाओं को पहले शुरू करने की सलाह देते हुए उन्होंने शिक्षकों समेत सभी स्टाफ को वैक्सीन का दोनों डोज अनिवार्य रूप से देने को कहा। उन्होंने स्कूलों और बच्चों को ले जाने वाली बसों में प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी।चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमण में कमी आने पर सबसे पहले प्राइमरी स्कूल खोले जाने चाहिए। क्योंकि छोटे बच्चों में कोरोना के संक्रमण का खतरा कम है और संक्रमण होने पर हल्का रहता है। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गवन के एक प्रश्न के उत्तर में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूल पहले खोल जाने चाहिए। क्योंकि बच्चों में रिसिप्टर कम होते हैं इसलिए उन्हें संक्रमणका खतरा कम है और संक्रमण ज्यादा गंभीर नहीं होता है। लेकिन स्कूल खोलने से पूर्व सभी शिक्षकों एवं स्कूल में कार्य करने वाले सभी कार्मिकों, बस स्टाफ आदि का टीकाकरण जरूर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसके बाद सेकेंडरी स्कूलों को खोला जाना चाहिए। भार्गव ने कहा कि यह फैसला राज्यों एवं जिला प्रशासन को करना है। जिसमें वहां महामारी की मौजूदा स्थिति को आधार बनाकर फैसला किया जाएगा।

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18 जुलाई 2021

प्रशासनिक परीक्षा में रचा इतिहास ,तीन बहनों ने एक साथ आरएएस प्रशासनिक परीक्षा में सफलता हासिल की

      

तीन बहनों ने एक साथ आरएएस प्रशासनिक परीक्षा में सफलता हासिल की
 राजस्थान के हनुमानगढ़ की तीन बहनों ने राज्य की प्रशासनिक परीक्षा में सफलता हासिल की है, उनकी दो अन्य बहने पहले से ही अधिकारी हैं। सभी पांच बहनें अब राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की अधिकारी हैं।
        

राजस्थान के हनुमानगढ़ की तीन बहनें हैं। आज तीनों एक साथ आरएएस में चुनी गईं। पिता और परिवार को गौरवान्वित करना। वे पांच बहनें हैं। अन्य दो रोमा और मंजू पहले से ही आरएएस थीं। किसान सहदेव सहारन की सभी पांच बेटियां अब आरएएस अधिकारी हैं।''राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भैरूसरी गांव की रहने वाली तीन सगी बहनों का एक साथ राज्य प्रशासनिक सेवा (आरएएस) में चयन होने से परिवार सहित क्षेत्र में खुशियां दौड़ गई है। एक साथ तीन बहनों ने आरएएस बनकर इतिहास रच दिया है। बताया जाता है कि इसी परिवार की दो बड़ी बेटियां पहले से ही राज्य सेवा की अधिकारी हैं, बेटियों की इस उपलब्धि की चर्चा हनुमानगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो रही है।इनके संबंध में बताया जाता है कि तीनों बहनें सुमन,अंशु और रितु सहारण ने  वर्ष 2018 में आरएएस की परीक्षा दी थी जिनका दो दिन पहले परिणाम आया है। भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी परवीन कस्वां ने ट्विटर पर खबर साझा की और भाई-बहनों को बधाई दी। उन्होंने बहनों की एक फोटो भी शेयर की।कस्वां ने ट्वीट किया, "इतनी अच्छी खबर है। अंशु, रीतू और सुमन तीनों एक साथ आरएएस में चुनी गईं। अपनी बेटियों की कामयाबी से खुश किसान पिता सहदेव सहारण और मां मीरा का कहना है कि मैंने बेटियों को शुरू से ही अच्छी शिक्षा देने पर बल दिया था और बचपन से ही उन्हें बड़े अफसर बनने को प्रेरित किया था। बच्चों ने मन लगाकर पढ़ाई की जिसका परिणाम सबके सामने है

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16 जुलाई 2021

सीरियल बालिका वधू की दादी सा सुरेखा दुनिया से अलविदा , टीवी जगत में शोक की लहर

 

   सीरियल बालिका वधू  की  दादी सा  सुरेखा   दुनिया से अलविदा , टीवी जगत में शोक की लहर

हिंदी  फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की दिग्गज एक्ट्रेस सुरेखा सिकरी का   निधन हो गया है। उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के चलते आखिरी सांस ली। मशहूर सीरियल बालिका वधू में दादी सा की भूमिका निभाने वाली सुरेखा के निधन से हिंदी टीवी जगत में शोक की लहर है।

साल 2020 में सुरेखा ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुई थीं। ब्रेन स्ट्रोक के बाद सुरेखा पर इलाज का तेजी से असर नहीं हो रहा था। वह लंबे समय तक अस्पताल में रही थीं। उनके फेफड़ों में पानी भर गया था और दवाईयों का जैसा असर उनपर होना चाहिए वैसा नहीं हो रहा था। ब्रेन स्ट्रोक के कारण बने क्लॉट को इलाज के जरिए निकाल दिया गया था। 

सुरेखा सीकरी थियेटर, टीवी और फिल्मों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1978 में पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म ‘किस्सा कुर्सी का’ से की। उन्हें 3 बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। ये फिल्में तमस (1988), मम्मो (1995) और बधाई हो (2018) थीं।

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तीसरी लहर :राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकअगर स्थिति नियंत्रित नहीं हई तो हालात बेकाबू हो जाएंगे-पीएम मोदी

 

तीसरी लहर की आशंका से पहले केंद्र सरकार चिंतित पीएम मोदी

तीसरी लहर की आशंका से पहले केंद्र सरकार चिंतित पीएम मोदी

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से पहले केंद्र सरकार चिंतित है। प्रधानमंत्री लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इन राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश , कर्नाटक, केरल , ओडिशा  और महाराष्ट्र हैं। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अगर स्थिति नियंत्रित नहीं हई तो हालात बेकाबू हो जाएंगे। इसके लिए हमें अभी से माइक्रो कंटेमेंट जोन पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कोरोना से नए वैरिएंट का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हमें इससे बचवा करना होगा। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह बैठक हुई। बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर वहां की स्थितियों के बारे में जानकारी ली थी।  इन राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं।  आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येद्दियुरप्पा, ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया भी इस बैठक में उपस्थित थे।

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11 जुलाई 2021

हरियाणा ,महाराष्‍ट्र ,कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में स्कूल खोलने का एलान ,उत्तर प्रदेश में अभी आनलाइन क्लास की इजाजत

स्कूल खोलने का एलान

कुछ राज्यों ने स्कूल खुलने का एलान करके राहत प्रदान की है।वहीं उत्तर प्रदेश में अभी तक कोई भी निर्देश जारी नहीं किया गया है। अभी कोरोना की  तीसरी लहर आने की भी आशंका जताई जा रही है। ऐसे में स्‍कूलों को खोलने में खतरा है। देश में 18 साल से कम उम्र वालों का वैक्‍सीनेशन भी नहीं हुआ है।  कई राज्यों ने फिर से स्कूल, कॉलेज खोलने पर ताजा अपडेट जारी किया है,ऐसे में कई राज्यों में स्कूल और कॉलेजों को फिर से खोलने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।  उत्तर प्रदेश  में एक जुलाई से प्रशासनिक काम के लिए स्‍कूल खुल गए हैं। हालांकि, बच्‍चों को अभी ऑनलाइन ही क्‍लास  करने के लिए कहा गया है। राज्‍य सरकार ने केवल टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्‍टाफ को स्‍कूल आने की इजाजत दी है।

प्रदेश में अभी आनलाइन क्लास की इजाजत 

राज्‍य में 1 जुलाई से प्रशासनिक काम के लिए स्‍कूल खुल गए हैं। हालांकि, बच्‍चों को अभी ऑनलाइन ही क्‍लास  करने के लिए कहा गया है। राज्‍य सरकार ने केवल टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्‍टाफ को स्‍कूल आने की इजाजत दी है।

महाराष्‍ट्र में 15 जुलाई से खुलेंगे स्कूल 

प्रदेश सरकार ने केवल वहीं स्‍कूलों को दोबारा खोलने का फैसला किया है जहां पिछले एक महीने में कोरोना का एक भी केस नहीं आया है। राज्‍य में 8वीं से 12वीं तक के क्‍लास 15 जुलाई से खुलेंगे। सरकार इस मामले में बहुत फूंक-फूंक कदम रख रही है।

हरियाणा में 16 जुलाई से खुलेंगे स्कूल 

हरियाणा के सभी स्कूलों को कक्षा 9 से 12 के लिए 16 जुलाई और कक्षा 6 से 8 के लिए 23 जुलाई से खोलने का निर्णय लिया गया है। मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया है कि शिक्षण संस्‍थानों को इस दौरान कोरोना के प्रोटोकॉल का सख्‍ती से पालन करना होगा।

बिहार में चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने का फैसला 

राज्‍य में चरणबद्ध तरीके से स्‍कूल खोलने का फैसला किया गया है। 6 जुलाई से स्‍कूल खुलने शुरू हुए हैं। कहा जा चुका है कि कोरोना की स्थितियों को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।

कर्नाटक में 19 जुलाई से कॉलेजों को दोबारा खोलने का विचार

राज्‍य सरकार 19 जुलाई से कॉलेजों को दोबारा खोलने पर विचार कर रही है। सरकारी और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में 64 फीसद छात्रों और 85 फीसद स्‍टाफ की उपस्थिति के साथ इन्‍हें खोलने की तैयारी है।

आंध्र प्रदेश में 16 अगस्त से खुलेंगे स्कूल 

प्रदेश सरकार ने 16 अगस्‍त से स्‍कूलों को दोबारा खोलने का फैसला किया है। ऑनलाइन क्‍लास 12 जुलाई से शुरू होंगी।

कर्नाटक में 19 जुलाई से कॉलेजों को दोबारा खोलने का विचार

राज्‍य सरकार 19 जुलाई से कॉलेजों को दोबारा खोलने पर विचार कर रही है। सरकारी और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में 64 फीसद छात्रों और 85 फीसद स्‍टाफ की उपस्थिति के साथ इन्‍हें खोलने की तैयारी है।

गुजरात , बिहार, दिल्‍ली में चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने का एलान 

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने तीन फेज में दोबारा स्कूल खोलने के लिए कहा था। पहला फेज 28 जून, 2021 से शुरू हुआ है। इसमें शिक्षक और छात्र (जरूरत पड़ने पर माता-पिता के साथ) ऑनलाइन जुड़ेंगे। इसके बाद 5 जुलाई से दूसरा चरण शुरू हुआ। इस दौरान शिक्षक भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी सहयोग देना शुरू करेंगे। अंतिम व तीसरा चरण अगस्त से शुरू होगा। इसमें कक्षा-आधारित गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कक्षा नर्सरी से आठवीं तक वर्कशीट दी जाएगी।






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09 जुलाई 2021

बिना मास्क और बिना सामाजिक दूरी के लोग घूम रहे हैं, यह अच्छा नजारा नहीं है-पीएम मोदी

पीएम मोदी कोरोना के मामलों में  चिंता व्यक्त की

नई दिल्ली:  -मंत्रिमंडल विस्तार के बाद  मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में  पीएम -मोदी कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धी होने पर चिंता व्यक्त की

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद  मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हुई। पीएम मोदी ने भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बिना मास्क के घूम रहे हैं लोगों और फिजिकल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन वाले दृश्यों पर चिंता व्यक्त की। पीएम ने कहा, कोविड के खिलाफ भारत की लड़ाई पूरे जोश के साथ चल रही है, लापरवाही या शालीनता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।पीएम ने महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धी होने पर चिंता व्यक्त की है।

पीएम ने कहा कि सभी को यह याद रखना चाहिए कि कोविड-19 का खतरा टला नहीं है। कई अन्य देशों में संक्रमण में वृद्धि देखी जा रही है। वायरस भी म्यूटेट कर रहा है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम तस्वीरों और वीडियो में देख रहे हैं कि सभी लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बिना मास्क और बिना सामाजिक दूरी बनाएं घूम रहे हैं। यह अच्छा नजारा नहीं है और इससे हममें डर की भावना पैदा होनी चाहिएपीएम मोदी ने कहा कि ऐसे समय में लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एक गलती के दूरगामी प्रभाव होंगे और कोरोना पर काबू पाने की लड़ाई कमजोर होगी। 

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